एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है। इस बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस देकर राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।
अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपे गए तीन पन्नों के नोटिस में आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। साथ ही उन्होंने ऐसे आरोप लगाए, जिन्हें भाजपा ने बेबुनियाद बताया है।
विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग
नोटिस में अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को सदन और गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया जाए।

‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्दों पर आपत्ति
भाजपा सांसद ने अपने नोटिस में कहा कि 29 जुलाई को एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। अनुराग ठाकुर का आरोप है कि इस तरह की भाषा संसदीय परंपराओं के विपरीत है और इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है।
नियम 352 के उल्लंघन का आरोप
नोटिस में यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते समय लोकसभा के नियम 352 का उल्लंघन किया। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी का आचरण संसदीय नियमों और परंपराओं के अनुरूप नहीं था।
राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए इस नोटिस के बाद संसद के भीतर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
