कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया। भारत ने पहली बार एक ही संस्करण में बॉक्सिंग में पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए। शनिवार को प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने वर्ग में गोल्ड जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
इन सफलताओं के साथ भारत की पदक संख्या बढ़कर 34 हो गई है। भारतीय दल के खाते में अब 11 स्वर्ण, 15 रजत और 8 कांस्य पदक हैं, जिसके दम पर टीम पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है।
अरुंधति ने इंग्लैंड की खिलाड़ी को एकतरफा हराया
महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 के एकमत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले के दौरान उन्होंने पूरे समय नियंत्रण बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
प्रिया घंघास ने रोमांचक मुकाबले में जीता गोल्ड
60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रिया घंघास ने कड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की। अंतिम राउंड तक मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन प्रिया ने लगातार आक्रामक खेल दिखाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
साक्षी का एकतरफा प्रदर्शन
51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराया। पूरे मुकाबले में उन्होंने शानदार तकनीक और सटीक पंचों के दम पर विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा और एकतरफा जीत हासिल की।
जूडो में उन्नति शर्मा को कांस्य
महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को हराकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने मुकाबला महज 1 मिनट 7 सेकेंड में इप्पोन के जरिए समाप्त कर शानदार जीत दर्ज की।
सोमन राणा का गोल्ड, शुभम को सिल्वर
पैरा एथलेटिक्स की एफ-57 शॉट पुट स्पर्धा में भारत के सोमन राणा ने 13.40 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया।
एफ-57 वर्ग में वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं, जबकि उनके ऊपरी शरीर की क्षमता सामान्य रहती है।
