भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को स्विट्जरलैंड में होने वाली लुसाने डायमंड लीग में एक बार फिर मैदान में उतरेंगे। कमर की चोट से वापसी के बाद यह उनका सीजन का तीसरा बड़ा मुकाबला होगा। इस बार उनके सामने पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम और श्रीलंका के मौजूदा फॉर्म में चल रहे रुमेश पथिराजे जैसी मजबूत चुनौती होगी।
कॉमनवेल्थ में सिल्वर के बाद अब डायमंड लीग पर नजर
नीरज ने हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए सिल्वर मेडल जीता था। इससे पहले जून में दोहा डायमंड लीग के जरिए उन्होंने करीब नौ महीने बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वापसी की थी, जहां 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद नीरज ने कहा था कि चोट से वापसी सही दिशा में है और आने वाले मुकाबलों में वह अपने प्रदर्शन में और सुधार करना चाहते हैं।

लुसाने से नीरज का खास रिश्ता
लुसाने का ट्रैक नीरज के लिए हमेशा शुभ साबित हुआ है। 2022 में उन्होंने यहां 89.08 मीटर का शानदार थ्रो कर डायमंड लीग का खिताब अपने नाम किया था। वहीं 2024 में 89.49 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। ऐसे में इस बार भी उनसे पदक की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
पथिराजे सबसे बड़ी चुनौती
श्रीलंका के रुमेश पथिराजे इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 89.75 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 92.62 मीटर है, जो उन्होंने इसी साल रोम के गोल्डन गाला में बनाया। इस सीजन में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले वह अकेले जेवलिन थ्रोअर हैं, जिससे उन्हें इस प्रतियोगिता का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अरशद समेत दुनिया के दिग्गज भी मैदान में
लुसाने डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा के अलावा पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम, जर्मनी के थॉमस रोहलर और जूलियन वेबर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशव वालकॉट, चेक गणराज्य के जैकब वाडलेच, स्विट्जरलैंड के साइमन वीलैंड और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन भी हिस्सा लेंगे। इससे पुरुषों की जेवलिन स्पर्धा इस सीजन की सबसे कड़ी प्रतिस्पर्धाओं में से एक मानी जा रही है।

क्या फिर 90 मीटर का इंतजार खत्म होगा?
चोट से वापसी के बाद नीरज लगातार लय हासिल कर रहे हैं। हालांकि इस सीजन में वह अभी तक 90 मीटर का आंकड़ा नहीं छू सके हैं। लुसाने की परिस्थितियां और इस ट्रैक पर उनका शानदार रिकॉर्ड उम्मीद जगाता है कि वह एक बार फिर बड़ा थ्रो कर सकते हैं।
