Gen Z को लेकर दिए गए अपने बयान पर जारी विवाद के बीच अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर आलोचकों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि किसी अभिनेता का मूल्यांकन उसके फिल्मी किरदारों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि पर्दे पर निभाई गई भूमिका और वास्तविक जीवन की सोच अलग होती है।
हाल के दिनों में कंगना के Gen Z पर दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के कई दृश्य और किरदार साझा किए जा रहे थे। इन्हीं पोस्ट्स के जरिए उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए जा रहे थे।
‘अभिनय मेरा पेशा है, निजी विचार नहीं’
विवाद के बीच कंगना ने संसद में दिए गए अपने एक पुराने भाषण का वीडियो साझा करते हुए कहा कि अभिनय एक पेशा है और कलाकार अपनी भूमिका के अनुसार अलग-अलग किरदार निभाते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि वे वास्तविक जीवन में भी वही विचार रखते हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदारों को किसी अभिनेता की व्यक्तिगत सोच से जोड़ना सही नहीं है।

‘युवाओं को भ्रमित किया जा रहा है’
कंगना ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर फिल्मी किरदारों और वास्तविक जीवन के विचारों को मिलाकर युवाओं के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका कहना था कि फिल्मों का उद्देश्य मनोरंजन करना होता है, न कि दर्शकों को वही व्यवहार अपनाने का संदेश देना। इसलिए किसी कलाकार के ऑन-स्क्रीन किरदार के आधार पर उसकी वास्तविक सोच का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
कंगना का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी फिल्मों के कई दृश्य और किरदार तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई यूजर्स का दावा है कि उनके फिल्मी किरदार और हालिया बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, जबकि कंगना ने इस तुलना को पूरी तरह गलत बताया है।
