मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना ने तीन अलग-अलग राजनीतिक संदेश दिए हैं। बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए मजबूत बढ़त बना ली है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा ने अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखते हुए बड़ी बढ़त हासिल कर ली है।
यदि यही बढ़त हकीकत में बदलती है तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मप्र के मुखिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए नई राजनीतिक चुनौतियां सामने आएंगी। वहीं ये परिणाम कांग्रेस में नई जान फूंकने का काम करेंगे।
दतिया में कांग्रेस ने पलटा मुकाबला
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर शुरुआती दौर में भाजपा आगे थी, लेकिन मतगणना बढ़ने के साथ कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बढ़त बना ली। नौवें राउंड तक वे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से करीब 9,500 वोट आगे चल रहे थे। यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, इसलिए कांग्रेस की बढ़त को बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
बांकीपुर में प्रशांत किशोर का दमदार प्रदर्शन
सबसे अधिक नजरें बिहार की बांकीपुर सीट पर टिकी हैं, जहां पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर ने भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पर 19वें राउंड तक 11 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बना ली। भाजपा का यह परंपरागत गढ़ माना जाता है, जहां से पूर्व विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद उपचुनाव कराया गया। यदि यह बढ़त जीत में बदलती है तो इसे बिहार की राजनीति का बड़ा उलटफेर माना जाएगा।
प्रशांत किशोर की जीत के बाद कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया
सुनिये क्या बोले प्रशांत किशोर
गुजरात के मांजलपुर में भाजपा का दबदबा कायम
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर तस्वीर बिल्कुल अलग रही। यहां भाजपा उम्मीदवार सतीश (सतेंद्र) पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी पर 30 हजार से अधिक वोटों की निर्णायक बढ़त बना ली। मतगणना के अंतिम चरण तक भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। यह सीट पिछले कई चुनावों से भाजपा के कब्जे में रही है और उपचुनाव में भी पार्टी ने अपना गढ़ सुरक्षित रखा।
गुजरात में जीत के बाद गरबा किया
तीन राज्यों से तीन राजनीतिक संदेश
इन तीनों उपचुनावों के रुझानों ने राष्ट्रीय राजनीति को अलग-अलग संकेत दिए हैं। बिहार में प्रशांत किशोर की चुनौती भाजपा के लिए नई चिंता बनती दिख रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने भाजपा के मजबूत क्षेत्र में मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है, जबकि गुजरात में भाजपा ने अपने संगठन और वोट बैंक की मजबूती फिर साबित की है। अंतिम परिणाम आने के बाद इन नतीजों का असर तीनों राज्यों की आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
