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विदिशा जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन लोगों में फैली भ्रांतियों के कारण इस अभियान की रफ्तार धीमी बनी हुई है। कई अभिभावक अपनी बेटियों को टीका लगवाने में हिचकिचा रहे हैं, जिससे लक्ष्य के मुकाबले टीकाकरण का प्रतिशत काफी कम है।
इसी बीच, जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी विनीता लोढा ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया। वे अपनी बेटी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं और उसे एचपीवी का टीका लगवाया। इस कदम के जरिए उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और बेटियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
जिले में 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को यह टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल में विशेष वार्ड और आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। बावजूद इसके, कुछ अभिभावक संभावित साइड इफेक्ट्स के डर के कारण टीकाकरण से दूरी बनाए हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में कुल 15,057 किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक केवल 1,291 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया है।
टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन द्वारा घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके और उनकी शंकाओं का समाधान किया जा सके।
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों को यह आवश्यक टीका लगवाएं, जिससे उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
