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मन्दसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र में गेहूं के कम दाम और बोनस को लेकर किसानों में बढ़ते असंतोष के बीच रविवार को कांग्रेस नेताओं ने खेतों में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने किसानों से बातचीत की, उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनकी समस्याओं को सुना।
प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसौदिया ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गेहूं पर केवल 40 रुपये बोनस दिया जाना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग रखी कि किसानों को गेहूं का न्यूनतम मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए और इसके साथ 200 से 300 रुपये तक का बोनस भी दिया जाए।
किसानों ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में खेती करना लगातार कठिन होता जा रहा है। किसान कन्हैयालाल ररोतिया के अनुसार उन्होंने 4 बीघा जमीन में गेहूं की फसल बोई है, लेकिन मंडी में उन्हें केवल 1800 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। वहीं मजदूरी की लागत 4000 से 4500 रुपये प्रति बीघा तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा खाद, बीज और कीटनाशक की बढ़ती कीमतों के कारण खेती का खर्च बढ़ गया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और वे कर्ज में डूबते जा रहे हैं।
एक अन्य किसान विष्णु ररोतिया ने बताया कि पिछले महीने हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, चना और अफीम की फसल को भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने नुकसान का निरीक्षण तो किया, लेकिन अब तक किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है।
मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि वर्तमान शासन में किसान सबसे अधिक परेशान है। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित समर्थन मूल्य और बोनस मिलना आवश्यक है, जिसके लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष लियाकत मेव ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उचित मूल्य और मुआवजा नहीं दिया गया, तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और किसानों ने गेहूं के खेतों में तख्तियां लेकर विरोध जताया। इन तख्तियों पर मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा गया कि गेहूं पर 40 रुपये का बोनस पर्याप्त नहीं है। नेताओं ने किसानों को अन्नदाता बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
इस मौके पर मंडलम अध्यक्ष दिनेश गुप्ता काचरिया, कांग्रेस नेता भेरुपप्पू गुर्जर, अनिल मुलासिया, सेक्टर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शक्तावत, राहुल धनगर सहित कई किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
