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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिला के नेपानगर में प्रस्तावित तीसरी रेलवे लाइन को लेकर बड़ी संख्या में परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है। मध्य रेलवे द्वारा भुसावल से खंडवा के बीच बनाई जाने वाली तीसरी लाइन के दायरे में वार्ड नंबर 9 का संजय नगर और वार्ड नंबर 1 का क्षेत्र शामिल है। इस परियोजना के चलते यहां रहने वाले करीब 240 परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित रहवासी जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। इस दौरान वे कांग्रेस नेताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी स्थिति से अवगत कराते हुए जमीन के बदले जमीन देने की मांग की।
इस मामले में अजय रघुवंशी, प्रकाश सिंह बैस, रिंकू टाक और भारती विनोद पाटील सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी परिवार को बेघर नहीं किया जाना चाहिए और प्रभावित लोगों को जमीन के बदले जमीन के साथ-साथ उनके मकानों का उचित मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस पर कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब रहवासियों को इस तरह के नोटिस मिले हैं। करीब एक महीने पहले भी इसी प्रकार के नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद प्रभावित लोगों ने नेपानगर में एसडीएम और रेलवे स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा था। अब दोबारा नोटिस मिलने के बाद वे फिर से अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां के कई परिवार पिछले 60 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। वार्ड नंबर 9 के पार्षद अंबादास सोनवणे के अनुसार, इतने लंबे समय से बसे लोगों को मकान के बदले मकान मिलना चाहिए। वहीं, एक प्रभावित रहवासी रजिया बी ने बताया कि उन्हें मकान तोड़ने का नोटिस मिला है, जबकि वे 60 से 70 साल से यहां रह रही हैं और वे भी जमीन के बदले जमीन की मांग कर रही हैं।
