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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव नासिक कुंभ के बाद ही कराए जाएंगे।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव नासिक कुंभ के बाद ही कराए जाएंगे।
उज्जैन में मीडिया से बातचीत के दौरान रविंद्र पुरी महाराज ने महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदारी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जब किसी को पद नहीं मिलता, तो उसकी मानसिकता कमजोर हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कुंभ जैसे महत्वपूर्ण आयोजन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रयास किए जाएंगे ताकि कुंभ का आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो। रविंद्र पुरी महाराज ने यह भी संकेत दिया कि उज्जैन में 2028 में होने वाले कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद के चुनाव संभव हैं। उन्होंने बताया कि नासिक कुंभ के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गौरतलब है कि नासिक कुंभ के बाद उज्जैन में 2028 का कुंभ आयोजित होना है। ऐसे में उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि उज्जैन कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद के नए अध्यक्ष का चयन किया जा सकता है। निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज उज्जैन में नगर पूजा के लिए पहुंचे थे। यहां कन्या भोज के बाद शुक्रवार शाम को उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि नगर पूजा के दौरान माता जी से कुंभ के सफल और निर्विघ्न आयोजन की प्रार्थना की गई।
जब उनसे एक साथ दो अध्यक्ष होने के सवाल पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ से लोग उन्हें जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नासिक में भंडारे के नाम पर अध्यक्ष बनाए जाने की बात सामने आई थी, जिसमें उनके संत भी मौजूद थे। हालांकि उन्होंने दोहराया कि पद नहीं मिलने की स्थिति में कुछ लोगों की मानसिकता प्रभावित हो जाती है।