प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के अमरावती में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पहले देश के अधिकांश एयरपोर्ट का नाम एक ही परिवार से जुड़ा होता था, लेकिन उनकी सरकार ने इस परंपरा को बदलकर महापुरुषों को सम्मान देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि अब एयरपोर्टों का नाम देश के संतों, समाज सुधारकों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा जा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि, पंजाब के एक एयरपोर्ट का नाम संत रविदास और अमरावती एयरपोर्ट का नाम स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है।
₹18 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री ने अमरावती में भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित करीब 18 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं आंध्र प्रदेश के विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।

‘भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब’
बाद में कर्नाटक के मैसूर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारतीय युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारतीय युवाओं द्वारा विकसित निजी रॉकेट के सफल अंतरिक्ष प्रक्षेपण का भी उल्लेख किया।
स्वामी विवेकानंद को किया याद
मैसूर में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम से पहले उन्होंने उस भवन का भी दौरा किया, जहां स्वामी विवेकानंद ने कुछ समय बिताया था। उन्होंने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व का निर्माण एक दिन में नहीं होता, बल्कि उसके पीछे वर्षों का तप, समर्पण और समाज के प्रति योगदान होता है। आज देश स्वामी विवेकानंद के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
