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सोमवार दोपहर भिंड की भारौली रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी में सरसों के दाम को लेकर किसानों और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मंडी में पहुंचे करीब डेढ़ सौ किसान आक्रोशित हो गए, जब व्यापारियों ने उनकी सरसों की फसल की अधिकतम बोली 6,200 रुपए प्रति क्विंटल लगाई।
किसानों ने इस दर को बहुत कम बताते हुए अपनी उपज बेचने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस बार बारिश और ओलावृष्टि से फसल पहले ही काफी प्रभावित हुई है और 6,200 रुपए प्रति क्विंटल लागत भी नहीं निकाल पा रहा। किसानों ने कम से कम 7,000 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिए जाने की मांग की। जैसे ही विवाद बढ़ा, व्यापारी भी इस दर पर खरीद से हाथ खींच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
करीब 2 घंटे तक मंडी में हंगामा
मंडी में यह स्थिति करीब दो घंटे तक चली। सूचना मिलते ही तहसीलदार रूपम गुप्ता और देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों और व्यापारियों दोनों की बात सुनी और समझाइश दी।किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि पिछले साल सरसों के दाम 7,500 रुपए तक पहुंचे थे, जबकि इस साल उत्पादन प्रभावित होने के बावजूद भाव कम मिल रहा है। उमरी के किसान हरिकिशन ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्राकृतिक मार झेलनी पड़ रही है, तो दूसरी ओर व्यापारी कम दाम देकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल से किसानों की समस्या पर ध्यान देने की मांग की।
किसानों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें
व्यापारियों का कहना था कि बाजार की मांग और आवक के आधार पर ही बोली लगाई जाती है। किसानों द्वारा फसल नहीं देने पर उन्होंने भी खरीद बंद कर दी। बाद में मंडी प्रबंधन और प्रशासन की मध्यस्थता में नई बोली लगाई गई, जिसमें 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद कुछ किसानों ने अपनी उपज बेच दी, जबकि कई किसान बिना फसल बेचे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर वापस लौट गए। मंडी में सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। बताया जा रहा है कि उस समय मंडी में करीब डेढ़ सौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सरसों लेकर आई थीं।
