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सोमवार को भारतीय किसान संघ, मध्य भारत प्रांत की बैतूल जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें गेहूं खरीदी, ऋण अवधि, फसल नुकसान और नरवाई जलाने पर हो रही कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाने से किसानों में असंतोष है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रति एकड़ 20 क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की।
किसान संघ ने सहकारी संस्थाओं से लिए गए ऋण की अदायगी अवधि 28 मार्च से बढ़ाकर 15 मई करने की मांग की, साथ ही विलंब के कारण लगने वाले ब्याज और दंड को पूरी तरह माफ करने की बात कही।
एफआईआर का कड़ा विरोध
ज्ञापन में नरवाई जलाने के मामलों में किसानों पर दर्ज की जा रही एफआईआर का कड़ा विरोध किया गया। संघ ने इसे अनुचित बताया और मांग की कि जब तक नरवाई निष्पादन का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक किसानों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और पहले से दर्ज मामलों को निरस्त किया जाए।
साथ ही किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग का पंजीयन शीघ्र शुरू करने और मक्का की खरीदी समर्थन मूल्य या भावांतर योजना के तहत करने की भी मांग की, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। संघ ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मक्का, चना, सब्जियों सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र सर्वे कर मुआवजा और बीमा राशि दिलाने की मांग की। बारिश से प्रभावित गेहूं की चमक कम होने की स्थिति में भी उसे समर्थन मूल्य पर खरीदने की बात कही गई।
समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग
किसानों ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था बाधित हो गई है, पोल उखड़ गए और तार टूट गए हैं, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की।
किसान संघ ने जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों और संघ के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर समस्याओं का त्वरित निराकरण करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि की गई कार्रवाई से संगठन को लिखित रूप से अवगत कराया जाए। ज्ञापन सौंपते समय संघ के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
