प्रदेश के सभी जिलों में बीते लगभग चार वर्षों से डीसीसीसी कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे थे। इन केंद्रों के जरिए सीएम हेल्पलाइन और आपदा प्रबंधन जैसी अहम सेवाएं संचालित होती थीं। यहां कार्यरत कर्मचारी डेटा मॉनिटरिंग सहित विभिन्न प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
राज्य लोक सेवा अभिकरण, मध्यप्रदेश द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार 31 मार्च 2026 से इन कंट्रोल रूमों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय के चलते पूरे प्रदेश में करीब 350 से अधिक प्रशिक्षित और अनुभवी युवा बेरोजगार हो गए हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक परेशानी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारियों में शामिल शिवम यादव, अनिल कुशवाहा और जागेश्वरी कुशवाहा ने बताया कि यह फैसला उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। उनका कहना है कि इससे जनहित से जुड़ी सेवाएं भी प्रभावित होंगी।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की है कि कंट्रोल रूम को दोबारा शुरू किया जाए और उनके लिए सेवा सुरक्षा से संबंधित स्पष्ट नीति बनाई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर उचित निर्णय लेगा। इस दौरान काशी किशोर कुशवाहा, रितू राज राय, अजय कुशवाहा, शिवम यादव, अनिल कुशवाहा और जागेश्वरी कुशवाहा सहित अन्य आउटसोर्स कर्मचारी भी मौजूद रहे।