चारधाम यात्रा 2026 के दौरान यमुनोत्री धाम में इस बार श्रद्धालुओं की आस्था ने नया इतिहास रच दिया है। 3 अगस्त तक 6.55 लाख से अधिक श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। यह धाम के इतिहास में किसी भी वर्ष दर्ज की गई सबसे अधिक संख्या है। खास बात यह है कि लगातार बारिश और दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों के बावजूद यह रिकॉर्ड बना है।
श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं बड़कोट के उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस बार अगस्त के पहले सप्ताह में ही पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए। समिति के सचिव सुनील उनियाल और प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने भी इसकी पुष्टि की।

भैयादूज तक खुले रहेंगे कपाट
मंदिर समिति का कहना है कि यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले महीनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे इस वर्ष नया रिकॉर्ड और भी बड़ा हो सकता है।
बेहतर व्यवस्थाओं से बढ़ा भरोसा
चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन, पुलिस, मंदिर समिति, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से यात्रा व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे यात्रा अपेक्षाकृत सुगम बनी हुई है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला बड़ा सहारा
यात्रियों की रिकॉर्ड संख्या का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, घोड़ा-खच्चर संचालक, डंडी-कंडी सेवा, टैक्सी व्यवसाय और स्थानीय दुकानदारों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि यात्रा इसी रफ्तार से जारी रही तो यह सीजन क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे सफल पर्यटन सीजन साबित हो सकता है।
