पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) आंदोलन में शामिल अधिकांश प्रदर्शनकारियों को दिल्ली सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जिन पर गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
सरकार के इस फैसले से हजारों प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल लोगों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरोपियों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाएगा। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई थीं कई एफआईआर
‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और अन्य घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की थीं। इनमें सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस अब भी हिंसा से जुड़े पहलुओं और कथित साजिश की जांच कर रही है।
सरकार का संदेश- शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपराध में फर्क
दिल्ली सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन जिन लोगों का आपराधिक इतिहास है या जिनकी भूमिका हिंसा और गंभीर अपराधों में सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रहेगी।
संसद मार्च के दौरान पुलिस से झड़प में शामिल थे अपराधी
CJP ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर देशव्यापी आंदोलन चलाया था। दिल्ली में हुए ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं, जिसके बाद कई मुकदमे दर्ज किए गए। सरकार के ताजा फैसले को आंदोलन के बाद तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
