इंदौर के एक अवैध वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में करीब 14 साल का एक लड़का वृद्ध महिलाओं पर डंडे बरसाता नजर आ रहा है। वीडियो में बीच-बचाव करने वाले लोगों के साथ भी वह धक्का-मुक्की करता दिखाई देता है।
घटना मरीमाता पानी की टंकी के पास संचालित महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसाइटी के वृद्धाश्रम की है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने वृद्धाश्रम को अवैध बताते हुए उसे सील करने और संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
30 बुजुर्गों को दूसरे आश्रमों में शिफ्ट किया जा रहा
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, सामाजिक न्याय विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि वृद्धाश्रम बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा था।
प्रशासन ने बताया कि यहां रह रहे करीब 30 बुजुर्गों में से जो स्वस्थ हैं, उन्हें गांधी नगर स्थित निराश्रित आश्रम और गणेश वृद्धाश्रम में शिफ्ट किया जा रहा है। जिनकी तबीयत खराब है, उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा जाएगा।
एसीपी बोलीं- पांच महीने पहले मां के साथ आया था लड़का
एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि लड़के की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। इसी वजह से तत्काल उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले लड़का अपनी मां के साथ इस वृद्धाश्रम में रहने आया था। उसकी मां झुलस गई थी और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। तब से वह यहीं रह रहा था।

बुधवार को किसी बात को लेकर उसका एक बुजुर्ग महिला से विवाद हो गया। गुस्से में उसने डंडे से महिला की पिटाई शुरू कर दी। वायरल वीडियो में वह बीच-बचाव करने वालों के साथ भी हाथापाई करता नजर आ रहा है।
काउंसलिंग के बाद चाइल्ड केयर संस्था भेजा जाएगा
एसीपी मिजवानी के अनुसार, लड़के की काउंसलिंग कराई जाएगी। फिलहाल वृद्धाश्रम की संचालिका नीलम दुबे को निर्देश दिए गए हैं कि उसे बुजुर्गों से अलग रखा जाए। गुरुवार को उसे वृद्धाश्रम से हटाकर नाबालिग बच्चों की देखरेख करने वाली संस्था (चाइल्ड केयर संस्थान) को सौंपा जाएगा।
एसडीएम बोलीं- वृद्धाश्रम अवैध रूप से चल रहा था
एसडीएम निधि वर्मा ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में वृद्धाश्रम अवैध रूप से संचालित होना पाया गया है। इसी आधार पर उसे सील करने और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
संचालिका का दावा- मेरी गैरमौजूदगी में हुई घटना
वृद्धाश्रम की संचालिका नीलम दुबे ने घटना पर सफाई देते हुए कहा कि वह गुरु पूजन के लिए बाहर गई थीं। जाने से पहले सभी बुजुर्गों को भोजन कराकर उनके कमरों में भेज दिया था। वापस लौटने पर उन्हें पता चला कि लड़के ने एक बुजुर्ग महिला को डंडा मार दिया है।
नीलम दुबे के मुताबिक, पूछने पर लड़के ने बताया कि वह बैठा था, तभी बुजुर्ग महिला ने उसके सिर पर टब मार दिया था। इसी गुस्से में उसने डंडा उठा लिया। संचालिका ने कहा कि उन्होंने उसे समझाया कि यदि विवाद था तो उन्हें बताना चाहिए था, मारपीट नहीं करनी चाहिए थी। इसके बाद वह खुद उसे थाने लेकर गईं। उन्होंने माना कि आश्रम के संचालन में कुछ गलतियां हुई हैं और अब प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है।
