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बुरहानपुर में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने शनिवार को तीन कालोनाइजरों को सजा सुनाई। मोहम्मद हारून, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद जाहिर को दो-दो साल का कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड दिया गया।
यह मामला फरियादी अब्दुल मलिक द्वारा थाना गणपति नाका में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। अब्दुल मलिक ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें ताज नगर लोधीपुरा में प्लॉट देने का झांसा दिया और दावा किया कि कॉलोनी की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसके भरोसे उन्होंने वर्ष 2013 से 2016 के बीच किस्तों में कुल 1,25,400 रुपए जमा किए।
आरोपियों ने अपने नाम से कार्ड छपवाकर कुल 216 भूखंडों में से कार्ड नंबर 31 के प्लॉट को अब्दुल मलिक को बेचने का वादा किया। बाद में फरियादी को पता चला कि कॉलोनी का ले-आउट मंजूर नहीं था, न ही डायवर्सन कराया गया था और न ही नियमानुसार प्लॉट बनाए गए थे।
अब्दुल मलिक के अनुसार, आरोपियों ने कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की थी। इसके आधार पर थाना गणपति नाका में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू हुई। इस मामले में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नीरज डावर ने पैरवी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई और उन्हें कठोर कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया।