ग्रामीणों के अनुसार गांव की नालियों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे हाईवे पर आकर फैल जाता है, जिससे सड़क पर काई जम गई है और सतह बेहद फिसलन भरी हो गई है। इसी कारण बाइक और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। यह स्टेट हाईवे एक प्रमुख मार्ग है, जहां दिन-रात भारी यातायात चलता रहता है। सड़क पर पानी जमा होने से कीचड़ और तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे राहगीरों के साथ-साथ आसपास की दुकानों पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीण राकेश रामायणे ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत को शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि इस मार्ग से कलेक्टर सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रोजाना गुजरते हैं, इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। हादसों की बात करें तो बुधवार रात ठीकरी से अंजड़ की ओर जा रहे एक बाइक सवार इसी स्थान पर फिसलकर गिर गया, जिससे उसे चोटें आईं। वहीं गुरुवार सुबह भी भगीरथ नामक व्यक्ति इसी जगह पर फिसलकर घायल हो गए।
हाईवे की साइड पहले से ही टूटी हुई है और उस पर जमा गंदा पानी गड्ढों को छिपा देता है, जिससे वाहन चालक अनजाने में उनमें फंसकर गिर जाते हैं। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है क्योंकि स्ट्रीट लाइटें अधिकतर बंद रहती हैं, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां पक्की नाली बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि जब तक यह व्यवस्था नहीं बनती, तब तक इस स्थान पर हादसे रुकना मुश्किल है।
लोगों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे हाईवे पर चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी और ग्राम पंचायत से मिलकर तुरंत नाली निर्माण कराने की अपील की है। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री विजय सिंह पवार ने इस मामले पर कहा कि सभी कार्य केवल पीडब्ल्यूडी के जिम्मे नहीं होते, ग्राम पंचायत की भी जिम्मेदारी बनती है और उसे भी इस दिशा में कार्य करवाना चाहिए।