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इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईटीओटीए) ने प्रदेश में यात्री बसों के जरिए विस्फोटक और खतरनाक सामग्री जैसे पटाखा और बारूद के अवैध परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की अपील की है।
हाल ही में भोपाल के आईएसबीटी बस स्टैंड पर दो पटाखा व्यापारियों का वीडियो सामने आया था, जिसमें वे बस ऑपरेटर्स से पटाखे बस में रखने के लिए दबाव डालते दिखे। एसोसिएशन ने अपने पत्र में इस घटना का हवाला देते हुए कहा कि बस संचालकों और व्यापारियों के बीच विस्फोटक सामग्री के परिवहन को लेकर विवाद ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्र में यह भी बताया गया है कि यात्री बसों का परमिट केवल यात्रियों के आवागमन के लिए होता है, न कि भारी माल या खतरनाक रसायनों के व्यावसायिक परिवहन के लिए। बावजूद इसके, बसों में लगातार पटाखे और अन्य ज्वलनशील पदार्थों की ढुलाई की जा रही है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की संभावना है।
आईटीओटीए ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध ढुलाई के चलते राज्य और केंद्र सरकार को जीएसटी के रूप में भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। बिना बिल के माल बसों में ढुलाई से सरकारी खजाने को सीधा नुकसान पहुंचता है।
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी पटाखा व्यापारियों और बस मालिकों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि बसों की नियमित और सघन जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आईटीओटीए ने कहा कि जनहित और यात्री सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द और ठोस निर्णय लेना चाहिए।
