![]()
![]()
ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में ऑर्थोपेडिक्स विभाग में प्रोफेसर पद पर की जा रही भर्ती को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि जो पद पदोन्नति से भरा जाना था, उसे सीधे भर्ती में बदलना नियमों के खिलाफ है।
यह मामला डॉ. आशीष कौशल की याचिका पर सामने आया। वे साल 2005 से कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं और 2013 से एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने 6 फरवरी 2026 को जारी भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि नियमों के मुताबिक यह पद प्रमोशन से भरा जाना चाहिए था, लेकिन कॉलेज ने सीधे भर्ती शुरू कर दी।
कॉलेज प्रशासन ने अपनी तरफ से दलील दी कि आरक्षण से जुड़े कुछ मामले लंबित होने की वजह से अस्थायी तौर पर इन-हाउस सीधी भर्ती का रास्ता अपनाया गया। उनका कहना था कि इससे किसी का नुकसान नहीं होगा, क्योंकि प्रक्रिया सिर्फ आंतरिक उम्मीदवारों तक सीमित थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि यह पद मूल रूप से पदोन्नति का है। ऐसे में बिना तय प्रक्रिया के इसे सीधी भर्ती में बदलना गलत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अभी तक पदोन्नति के लिए स्पष्ट मूल्यांकन प्रक्रिया तय नहीं की गई है, जो जरूरी है।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सीधी भर्ती में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को सही महत्व नहीं मिल पाता, जिससे उनके अधिकार प्रभावित होते हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पहले पदोन्नति के लिए पारदर्शी और स्पष्ट प्रक्रिया बनाई जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।