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दतिया के सेवढ़ा क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 25 गांवों में फसलें लगभग 100 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई हैं। गेहूं की तैयार खड़ी फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। सेवढ़ा के एसडीएम अशोक अवस्थी ने बताया कि नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्वे टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें मौके पर पहुंचकर फसलों की स्थिति का निरीक्षण कर रही हैं और तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगी।
रविवार को भी पूरे दिन क्षेत्र में बादल छाए रहे और मौसम में नमी बनी रही, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार रात में हल्की बारिश होने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र दतिया के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वनाथ कंसाना ने बताया कि इस समय हो रही बारिश से फसलों को कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि नुकसान और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जहाँ केवल बारिश हुई है, वहां गेहूं की कटाई में देरी होगी, जबकि जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां दाने गिरने लगे हैं। तेज हवा और पानी के कारण फसलें जमीन पर लेट गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। डॉ. कंसाना के अनुसार लगातार नमी और धूप की कमी से गेहूं के दाने कमजोर हो जाएंगे और उनकी चमक घट जाएगी। इसका सीधा असर मंडियों में मिलने वाले भाव पर पड़ेगा। अनुमान है कि गेहूं के दाम में करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ सकती है।
सेवढ़ा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में जोरी, रामपुरा, नहला, दाबनी, सिरसा, अटरा, बड़ोखरी, मलियापुरा, खंजापुरा, बस्तुरी, चीना, दिगुवा, देभई, मंगरोल, कसेरुआ, रुहेरा, किटाना, बघावली, थरेट, भगुवापुरा, डिरोलीपार, ग्यारा और सेवढ़ा से लगे आसपास के इलाके शामिल हैं।
