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विदिशा जिले के नटेरन में शुक्रवार को किसानों ने समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने तुलाई में हो रही देरी और उपज के रिजेक्ट होने के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
किसानों का कहना है कि गेहूं की तुलाई बहुत धीमी गति से की जा रही है। साथ ही स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया में छोटे और बड़े किसानों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सैटेलाइट सत्यापन में गड़बड़ी के कारण उनकी उपज खेतों और खलिहानों में पड़ी हुई है, जिससे उन्हें नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
चना खरीदी को लेकर भी किसानों में असंतोष देखने को मिला। उनका कहना है कि इस बार गुणवत्ता जांच के नाम पर अत्यधिक सख्ती की जा रही है और मामूली प्राकृतिक अंतर के आधार पर भी चने को रिजेक्ट किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्षों में ऐसा नहीं होता था। किसानों ने मांग की कि गुणवत्ता जांच की लिखित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर स्लॉट बुकिंग और तुलाई की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो मियांखेड़ी चौराहे पर चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एक किसान ने बताया कि उसकी उपज की तुलाई की तारीख दो बार निकल चुकी है और अब उसे चिंता है कि उपज कैसे बिकेगी। उसने कहा कि वह ट्रॉली लेकर आया है और तुलाई नहीं होने पर आंदोलन करेगा। साथ ही किसानों ने यह भी नाराजगी जताई कि उनकी बात जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं सुनी जा रही है।
वहीं, एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
