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हरदा जिले में मंगलवार को जिला पंचायत की जनसुनवाई के दौरान किसानों ने नहर का पानी न मिलने पर अपनी नाराजगी जताई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि आज शाम तक पानी नहीं मिला, तो वे बुधवार सुबह ग्राम अबगांवकला के पास प्रदर्शन करेंगे। किसानों का आरोप है कि 27 मार्च को तवा डैम से पानी छोड़े जाने के बावजूद उनके खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचा है, जिससे मूंग की बुआई की गई हजारों एकड़ की फसल खराब होने के खतरे में है।
किसानों ने सिंचाई विभाग के एसडीओ पर भी गुस्सा जताया। उनका कहना है कि जुगरिया माइनर और उसके निचले क्षेत्रों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि जुगरिया माइनर से ऊपर की सभी माइनरों में मुख्य शाखा पर गेट लगाकर पानी के प्रवाह को अनुचित तरीके से रोका जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र पर उपस्थित नहीं रहते हैं। हेड एरिया के किसान अपनी माइनरों का संचालन स्वयं अनुचित तरीके से कर रहे हैं, जिससे मुख्य शाखा गुरदिया माइनर के नीचे टेल क्षेत्र में आज तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
टेल क्षेत्र के किसानों ने मांग की कि उदराकानी में पानी की मात्रा के अनुसार हेड क्षेत्र की सभी नहरों का पानी निर्धारित किया जाए और आज से ही ओसराबंदी लागू की जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और पुलिस प्रशासन की तैनाती की भी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचा, तो वे एनएच-059 अबगांवकला पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
किसान अनिल वाष्ट ने बताया कि दर्जनों गांवों के किसानों ने मूंग की फसल की बुआई कर दी है, लेकिन उन्हें सिंचाई के लिए एक बूंद भी पानी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि एक-दो दिनों में पानी नहीं मिला, तो किसानों को भारी नुकसान होगा। हालांकि, एसडीएम अशोक कुमार डेहरिया ने नाराज किसानों को पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि आज शाम को टिमरनी डिवीजन में किसानों की एक बैठक रखी गई है, जहां किसानों की सहमति से ओसराबंदी लागू कर सभी किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
