Dead Fish Found in Tapti River, Social Workers Submit Memorandum to Collector in Burhanpur|ताप्ती नदी में मरी मछलियों का मामला, बुरहानपुर में समाजसेवियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
![]()
बुरहानपुर में ताप्ती नदी के राजघाट क्षेत्र में एक दिन पहले सैकड़ों मछलियों के मृत मिलने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिंता जताते हुए कलेक्टर हर्ष सिंह को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है।
समाजसेवियों का कहना है कि ताप्ती नदी में शहर के नालों का गंदा पानी मिल रहा है, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
गुरुवार को ताप्ती सेवा समिति की अध्यक्ष सरिता भगत, राजीव खेड़कर, राजेश भगत, मंसूर सेवक, अता उल्लाह खान सहित अन्य सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि शहर के गंदे नालों के पानी को ताप्ती नदी में जाने से रोका जाए। इसके अलावा, मृत मछलियों को तुरंत हटाने, जल की सफाई कराने और पानी की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की बात भी कही गई।
समिति के अनुसार, राजघाट क्षेत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। बसाड़ के पास निर्माणाधीन पुल के चलते नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आ रही है, जिससे राजघाट में पानी ठहर रहा है। इस ठहरे हुए पानी में शहर के नालों का गंदा पानी मिल रहा है, जिसके कारण पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया है। पानी में दुर्गंध फैल रही है और उसका रंग हरा हो गया है।
मछलियों का बड़ी संख्या में मृत मिलना इस प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है। यह स्थिति पर्यावरण के लिए नुकसानदायक होने के साथ-साथ आम लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं को भी प्रभावित कर रही है।
ताप्ती सेवा समिति द्वारा इसी राजघाट पर नियमित रूप से मां ताप्ती की आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मछलियों को दाना डालने भी आते हैं, जिससे इस घटना से उनकी भावनाएं भी आहत हुई हैं।
समिति ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि निर्माण कार्यों के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
