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इंदौर के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा परियोजना के चौथे चरण की शुरुआत की, जिसकी लागत 1356 करोड़ रुपए है। इस योजना के तहत साल 2029 तक शहर में 900 एमएलडी पानी लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे आने वाले 25 साल में करीब 65 लाख आबादी की पानी की जरूरत पूरी हो सकेगी। अभी इंदौर को तीन चरणों से करीब 450 एमएलडी पानी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सिरपुर तालाब में बने 62.72 करोड़ रुपए के एसटीपी प्लांट का भी लोकार्पण किया। साथ ही ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत हितलाभ वितरण किया गया, जिसमें जिले में 1.44 लाख से ज्यादा आवेदनों का निराकरण होने की जानकारी दी गई।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि चौथा चरण पूरा होने के बाद इंदौर को 900 एमएलडी पानी मिलेगा और शहर 24 घंटे पानी सप्लाई की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि 2045 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 2028 के सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालु शिप्रा के जल से ही स्नान कर सकेंगे, इसके लिए सरकार ने करीब 1000 करोड़ की योजना बनाई है।
कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
