56 दुकान और सराफा बाजार में रेट बढ़ने के बाद ग्राहकों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। होटल और स्टॉल संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना उनके लिए मजबूरी बन गया है। पहले जहां दो लोगों का खाना 400-500 रुपए में हो जाता था, अब वही खर्च 700-800 रुपए तक पहुंच गया है। इससे मिडिल क्लास परिवारों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। पहले लोग हफ्ते में 2-3 बार बाहर खाना खाते थे, अब यह संख्या घटकर एक बार या उससे भी कम हो गई है।
56 दुकान में जॉनी हॉट डॉग 30 रुपए से बढ़कर 35 रुपए हो गया, वहीं पानीपुरी के दाम 10 रुपए बढ़कर 40 रुपए हो गए हैं। 56 दुकान स्थित विजय चाट हाउस के संचालक मृदुल ठाकर ने बताया कि इस बार कच्चे माल के बढ़े हुए दाम के कारण हमें खाने की वस्तुओं के दाम 1 से 3 रुपए बढ़ाने पड़े हैं। मधुरम स्वीट्स के श्याम शर्मा ने कहा कि सभी वस्तुओं के महंगे होने के कारण हमने अपने यहां 5 से 7 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए हैं।
अनूप नगर स्थित पार्श्वनाथ रेस्टोरेंट के संचालक हितेश जैन ने बताया कि मूंगफली तेल का डिब्बा पहले 2600 रुपए में मिलता था, अब वही 3100-3200 रुपए में आ रहा है। इस कारण हमें नाश्ते के दाम में 5 रुपए की बढ़ोतरी करनी पड़ी। उत्साह होटल के राजेंद्र धनोतिया ने बताया कि दाल, तेल, मसाले और गैस सभी महंगे हो गए हैं, और कच्चे माल की लागत 20-25% तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कुछ आइटम्स के दाम बढ़ाने पड़े हैं, हालांकि पूरी तरह कीमत बढ़ाना उनका उद्देश्य नहीं था।
होटल संचालक रवि देवांग ने बताया कि सिलेंडर की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है। पुरानी बुकिंग पर रेट नहीं बढ़ा सकते, लेकिन नई बुकिंग बढ़े हुए दाम पर ही ली जा रही हैं। इसी वजह से फिलहाल कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है। एमजी रोड के चाय विक्रेता दिलीप यादव ने बताया कि पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 14 रुपए की हो गई है। गैस सिलेंडर महंगा मिलने के कारण दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, इसलिए नाश्ता और अन्य खाने की वस्तुएं महंगी हो रही हैं।