शाजापुर के सोमवारिया स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार से 365 दिवसीय भक्तामर मंडल विधान का दो दिवसीय विसर्जन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। पंडित मुकेश के निर्देशन में सुबह ध्वजारोहण, कलश स्थापना और अभिषेक के साथ धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई।
इस आयोजन के अंतर्गत 24 घंटे का अखंड भक्तामर पाठ आयोजित किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। ध्वजारोहण अनुष्ठान के प्रारंभ में प्रेमचंद जैन, दिलीप जैन और बसंत जैन परिवार ने इसका पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से शांतिधारा और पूजन संपन्न किया गया। पूजन के पश्चात पांडाल में कलशों की स्थापना की गई और मां जिनवाणी को ससम्मान विराजमान किया गया।
विशेष अर्घ विधान में पांच इंद्रों ने सहभागिता की। शैलेंद्र जैन ने सोधर्म इंद्र, बाबूलाल जैन ने ईशान इंद्र और अशोक जैन ने सनत इंद्र के रूप में अर्घ समर्पित किया। इनके साथ ही महेंद्र इंद्र (कमल कुमार जैन) और कुबेर इंद्र (संजय जैन) ने वेदी पर अर्घ अर्पित किए। आगामी विसर्जन की सभी क्रियाएं भी इन्हीं लाभार्थी परिवारों द्वारा संपन्न कराई जाएंगी।
विसर्जन कार्यक्रम के केंद्र में 24 घंटे का अखंड भक्तामर पाठ रखा गया है, जो निरंतर जारी है। मंदिर परिसर में कलशों की स्थापना के साथ ही धार्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। स्थानीय समाज के लोग और श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन कर रहे हैं और धर्म लाभ ले रहे हैं।
