छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी वन परिक्षेत्र में बीट रमपुरी के पास हाल ही में हुए बाघ के हमले में एक युवक की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस स्थान पर हमला हुआ था, वहीं इलाके में अब भी बाघ की मूवमेंट लगातार देखी जा रही है, जिससे आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और ग्रामीणों को “बाघ चौपाल” के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने विशेष रूप से महुआ बीनने वाले ग्रामीणों को सलाह दी है कि अकेले जंगल न जाएं, छोटे बच्चों को साथ न लें और समूह में शोर-शराबा करते हुए सतर्क रहें।
जानकारी के अनुसार बाघ की सक्रियता सफेद पाठा, घुरलाह टेकरी और आसपास के जंगलों में लगातार देखी जा रही है। इसके अलावा खमरा और जमतरा क्षेत्र में भी बाघ के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों का रोजाना आना-जाना रहता है, जिससे वन विभाग के लिए घटनाओं को रोकना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन बाघ की उपस्थिति के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल जाते समय अधिक सतर्क रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
