इंदौर में चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने बुधवार को सागर से एक महिला आरोपी रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वह भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है और पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मानी जा रही है।

इस मामले में पहले ही पुलिस श्वेता विजय जैन, शराब तस्करी से जुड़ी अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में ले चुकी है। वहीं, मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही श्वेता जैन ने पुलिस के सामने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है।
क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि रेशू, अलका और श्वेता मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने वाले कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थीं। पुलिस अब इनके पास मौजूद वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जुटाने में लगी है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ अहम ऑडियो-वीडियो फाइलें मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ की। जांच एजेंसियों को अलका दीक्षित से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं।
निमाड़ के नेता को भी बनाया गया था निशाना
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि उस नेता का इंदौर स्थित मकान उसी इलाके में है, जहां अलका दीक्षित रहती है।
सूत्रों के अनुसार, जब अलका ने शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच का हवाला दिया था। इसके जवाब में अलका ने कथित वीडियो दिखाकर दावा किया कि कई बड़े लोगों के वीडियो उसके पास मौजूद हैं।
जानकारी के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के करीब 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से आजाद नगर थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है।
जेल में बनी दोस्ती, फिर रची गई साजिश
सूत्र बताते हैं कि श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित की दोस्ती जेल में हुई थी। कोर्ट पेशी के दौरान श्वेता, रेशू को साथ लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना तैयार की गई।
बताया जा रहा है कि रेशू ने अलका को भरोसा दिलाया था कि उसके कई नेताओं, प्रॉपर्टी कारोबारियों, फाइनेंसरों, शराब कारोबारियों और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर बड़ी रकम वसूली जा सकती है।
पुलिस रिमांड के दौरान श्वेता ने यह भी कहा कि उसने अलका को समझाने की कोशिश की थी कि जिन लोगों को फंसाने की योजना बनाई जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं। बावजूद इसके, अलका पीछे नहीं हटी।
