राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गुरुवार को चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर कैवल्य योग आश्रम के तत्वावधान में अतिविष्णु यज्ञ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान आयोजित किया गया। इस अवसर पर गाड़गंगा नदी के तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
सुबह लगभग साढ़े 10 बजे, संत डॉ. रघुनाथानंद अवधूत महाराज के नेतृत्व में बड़ा मेले का ग्राउंड से भव्य चल समारोह निकाला गया। संत फूलों से सजे रथ पर विराजमान थे। बैंड-बाजों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु राजगढ़ रोड से होते हुए गाड़गंगा नदी के घाट तक पहुंचे।
संत अवधूत महाराज नदी के बीच तक पहुंचने के लिए नाव में सवार हुए। उनके साथ पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा, मंडल अध्यक्ष बद्रीलाल दांगी, यज्ञ समिति अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। नाव का संचालन मेवाड़े समाज के मांझी युवाओं द्वारा किया गया।
नदी के बीच पहुंचने पर संत अवधूत महाराज ने माइक के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि चैत्र पूर्णिमा का दिन अत्यंत पुण्यकारी होता है और इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ शाही स्नान की प्रक्रिया शुरू हुई।
संत के आह्वान पर श्रद्धालुओं ने गाड़गंगा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। घाट पर आस्था का वातावरण बना रहा और लगातार बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए पहुंचते रहे।
आयोजन के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। तहसीलदार सोनू गुप्ता और थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती की निगरानी में पुलिस बल तैनात किया गया। नदी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीईआरएफ की टीम भी बोट के साथ मौजूद रही।
