फिलहाल लोकायुक्त टीम सैलाना तहसील कार्यालय के नायब नाजिर कक्ष में आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है।
लोकायुक्त निरीक्षक राजेंद्र वर्मा के अनुसार, ग्राम अडवानिया (तहसील सैलाना) निवासी जितेंद्र पाटीदार ने 10 अप्रैल को उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में एसपी आनन्द कुमार यादव को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता ईश्वर लाल पाटीदार के नाम पर सैलाना और बागरियों की खेड़ी में लगभग 5 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है। भूमि की वास्तविक स्थिति और सीमाएं जानने के लिए 22 जनवरी 2026 को लोकसेवा केंद्र के माध्यम से सीमांकन के लिए आवेदन किया गया था।
आवेदन के बाद काफी समय तक सीमांकन की प्रक्रिया नहीं होने पर जितेंद्र 9 मार्च 2026 को तहसील कार्यालय पहुंचा और संबंधित हल्का पटवारी कैलाश वरख्या से संपर्क किया। इस दौरान पटवारी ने कहा कि फीस जमा करने पर ही नपती का काम किया जाएगा।
इसके बाद 9 अप्रैल को पटवारी शिकायतकर्ता के घर पहुंचा और सीमांकन के बदले 30 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता द्वारा अनुरोध करने पर 10 अप्रैल को पटवारी ने 7 हजार रुपए कम करते हुए 23 हजार रुपए में काम करने की बात मानी और उसी दिन 3 हजार रुपए नकद ले लिए।
शिकायत की जांच उज्जैन लोकायुक्त एसपी द्वारा कराई गई, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद 16 अप्रैल को लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। गुरुवार दोपहर जब जितेंद्र पाटीदार ने सैलाना तहसील कार्यालय के नायब नाजिर कक्ष में आरोपी पटवारी को शेष 20 हजार रुपए दिए, उसी दौरान टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।