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खरगोन के भीलगांव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर फायरिंग और 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले राजपाल सहित 12 आरोपी पहले ही हिरासत में थे। अब कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 18 हो गई है। इस मामले का मुख्य आरोपी हैरी बॉक्सर अभी फरार है और उसकी लोकेशन अमेरिका में मिली है।
एएसपी शकुंतला रूहल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने रेकी करने, फरियादी के घर फायरिंग करवाने, संसाधन उपलब्ध कराने और अन्य आरोपियों को सहायता प्रदान करने में भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपी राजपाल चंद्रावत के पास से पिस्टल, कारतूस और स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया। वहीं जावेद से शूटरों को हुंडई एक्सेंट कार के जरिए पिस्टल उपलब्ध कराने के मामले में साक्ष्य हासिल किए गए।
इस मामले में पुलिस ने संगठित अपराध की धारा 111(3)(4) और आरोपी को संरक्षण देने की धारा 249 BNS के तहत कार्रवाई की है। देवास के जावेद पर पहले से 10 और राजा खान पर 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। भीलगांव में 16 मार्च की रात हुए घर पर फायरिंग की सूचना अगले दिन फरियादी सत्येंद्र राठौड़ ने कसरावद थाने में दी थी। उन्होंने बताया कि उनके और उनके पिता दिलीप राठौड़ के व्हाट्सएप पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से होने का दावा किया।
उसने फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की और धमकी दी कि रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके पिता को जान से मार दिया जाएगा। आरोपी ने फायरिंग का वीडियो भेजने का दावा किया और चेतावनी दी कि पैसा न मिलने पर अगली बार घर पर हथगोला फेंका जाएगा। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
