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सिंगरौली नगर निगम के वर्ष 2026-27 के आम बजट को लेकर बुधवार को आयोजित बैठक में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सभापति देवेश पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बजट में करीब 100 करोड़ रुपए की कटौती सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी। महापौर रानी अग्रवाल और निगमायुक्त की उपस्थिति में विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के पार्षदों ने भी विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर परिषद पर सवाल उठाए।
बैठक के दौरान एमआईसी सदस्य शशि पुष्पराज सिंह द्वारा प्रस्तुत बजट प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसी दौरान सभापति देवेश पाण्डेय ने सवाल किया कि पिछले 350 करोड़ रुपए के बजट को घटाकर इस बार 250 करोड़ रुपए क्यों किया गया। इस कटौती को लेकर महापौर और एमआईसी सदस्य संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित आय 348.05 करोड़ रुपए और व्यय 305.60 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है।
विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अधूरे निर्माण कार्यों और लंबित परियोजनाओं को लेकर नाराजगी जताई। वार्ड 40 की पार्षद सीमा जायसवाल ने कहा कि डेढ़ साल पहले धर्मशाला को तोड़ दिया गया था, लेकिन अब तक उसका पुनर्निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा पुराने अस्पताल की जगह प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और गल्ला मंडी विस्तार जैसे अहम प्रोजेक्ट्स की फाइलें लंबे समय से लंबित हैं, जिस पर भी आपत्ति जताई गई।
मोरवा विस्थापन का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। पार्षद शेखर सिंह ने कहा कि इस योजना से नगर निगम के 8 वार्ड सीधे प्रभावित होंगे, लेकिन प्रशासन के पास अभी तक कोई स्पष्ट या ठोस कार्ययोजना नहीं है। उन्होंने संभावित विस्थापित परिवारों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की।
बैठक में मौजूद विधायक रामनिवास शाह ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए बड़ा बजट जरूरी होता है। उन्होंने ठेकेदारों की लापरवाही और अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताई और बजट राशि बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
लंबी बहस और हंगामे के बावजूद अंत में पार्षदों ने बजट को मंजूरी दे दी। इसके बाद बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
बजट एक नजर में (अनुमानित):
- कुल आय: ₹34805.89 लाख
- कुल व्यय: ₹30560.50 लाख
- राजस्व आय: ₹19841.50 लाख
- पूंजीगत प्राप्तियां: ₹10351 लाख
