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मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद को लेकर नई तारीखें जारी की गई हैं। पहले यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब शासन ने उपार्जन का नया शेड्यूल घोषित किया है।
खरीद प्रक्रिया दो चरणों में
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश के अनुसार, इस बार गेहूं खरीद दो चरणों में होगी:
- पहला चरण: भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से खरीद शुरू होगी।
- दूसरा चरण: प्रदेश के शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से उपार्जन कार्य आरंभ होगा।
15-20 दिन की देरी
सामान्यत: MSP पर गेहूं उपार्जन हर साल 20-25 मार्च से शुरू होता है। इस साल खरीद 10 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, यानी 15-20 दिन की देरी होगी। इस कारण कई किसान, जो मंडियों में गेहूं बेचते हैं और केसीसी लोन चुकाने के दबाव में रहते हैं, उन्हें लाभ कम मिलने की संभावना है।
उपार्जन केंद्र और पंजीकरण
- इस वर्ष 73,296 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 64,000 थी।
- किसान संख्या के हिसाब से 142 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसान अपना गेहूं बेच सकेंगे।
इस कदम से किसानों को MSP पर सुरक्षित बिक्री का अवसर मिलेगा, लेकिन देरी के कारण कुछ किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
