वन परिक्षेत्र अधिकारी पवन ताम्रकार के अनुसार, वन विभाग की टीम देर रात मौहरी गोढहा और बसखली क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान कोतमा बीट के बसखली मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक (HR-69-B-6524) आता दिखाई दिया। टीम ने टॉर्च के संकेत से वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक मोहम्मद हारुन (निवासी करनाल, हरियाणा) ट्रक को सड़क पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर भाग निकला।
इसके बाद टीम ने ट्रक की तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी के टुकड़े पाए गए। विभाग के अनुसार, जब्त की गई लकड़ी की मात्रा लगभग 5 घन मीटर है, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी गई है।
प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि तस्करी में शामिल अन्य वाहन ट्रक के आगे और पीछे चलकर ‘रेकी’ कर रहे थे। फिलहाल फरार चालक की तलाश जारी है और उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। जब्त ट्रक को बिजुरी कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अनूपपुर जिला धीरे-धीरे खैर की अवैध तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में खैर के हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस मामले में अनूपपुर तहसील के एक गांव से जुड़े एक कथित मुख्य तस्कर का नाम भी सामने आया है, जिसकी वन विभाग गंभीरता से जांच कर रहा है। इससे पहले जैतहरी, राजेंद्रग्राम और शहडोल क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।