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निवाड़ी जिले के ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर में रविवार को मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जैसे ही ‘भागो-भागो’ की आवाज गूंजी, श्रद्धालु घबराकर इधर-उधर भागने लगे और कुछ ही क्षणों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
यह मॉकड्रिल मंदिर में भीड़ प्रबंधन और किसी भी संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से की गई थी। अभ्यास के दौरान कुछ ‘घायलों’ को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भी भेजा गया। इस मॉकड्रिल में प्रशासनिक और पुलिस अमले के साथ-साथ एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी शामिल रहीं।
मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह अभ्यास कराया गया।
कलेक्टर जमुना भिड़े मौके पर पहुंचीं और उन्होंने भीड़ को शांत कराते हुए लोगों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि भगदड़ क्यों मची, जिस पर अधिकतर श्रद्धालुओं ने बताया कि पीछे से ‘भागो’ की आवाज सुनकर वे घबरा गए थे। इस पर कलेक्टर ने समझाया कि इस तरह की अफवाहों पर विश्वास करना गलत है और इससे ही दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि घबराकर भागने से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए हमेशा धैर्य बनाए रखना चाहिए।
यह मॉकड्रिल आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए लोगों को जागरूक और सतर्क करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
एसपी डॉक्टर रायसिंह नरवरिया ने सुरक्षा व्यवस्था के दौरान टीम को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि भीड़ को कैसे नियंत्रित करना है, कहां बैरिकेड लगाने हैं, किन स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती करनी है और भगदड़ की स्थिति में सुरक्षित निकासी मार्ग कैसे सक्रिय करने हैं। मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन और पुलिस ने हर चरण का व्यावहारिक अभ्यास किया।












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