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खिलचीपुर में हिंदू नववर्ष के पूर्व बुधवार रात इमली स्टैंड खिलचीपुर पर काव्य, हास्य और उत्साह का माहौल देखने को मिला। भाजपा नेता अंशुल तिवारी द्वारा आयोजित “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” में लगभग 5 हजार लोग शामिल हुए और रात 9 बजे से डेढ़ बजे तक कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण शाजापुर के हास्य कवि दिनेश “देशी घी” का मंचन रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित गीत “तेरी पलक झपकी श्री योगी, गुंडों की गाड़ी टपकी, सारा जमाना है तेरे पीछे…” प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। उनकी हास्य और व्यंग्य शैली ने दर्शकों को बार-बार हंसने और झूमने पर मजबूर कर दिया।
इंदौर के गीतकार अमन अक्षर ने भगवान राम पर आधारित अपनी कविता “सहारा जग है प्रेरणा, प्रभाव सिर्फ राम है…” सुनाई, जिसने श्रोताओं को भक्ति भाव में डुबो दिया। वहीं जोधपुर से आई कवयित्री आयुषी रखेचा ने हास्य और श्रृंगार रस का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया। उनकी पंक्तियां “बढ़ती सी धड़कनों में खलल करके जाऊंगी, अगर झील सा है मन तो, कवल करके जाऊंगी…” ने युवाओं और महिलाओं को प्रभावित किया।
हास्य कवि जानी बैरागी ने अपनी चुटीली कविताओं और व्यंग्य के माध्यम से लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने डीजल, पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों पर भी व्यंग्य प्रस्तुत किया, जिससे माहौल हल्का-फुल्का बना रहा। उनकी प्रस्तुति पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं और ठहाके लगाए।
कार्यक्रम का संचालन ओरछा के कवि सुमित ओरछा ने किया। इस कवि सम्मेलन में हास्य, भक्ति, वीर और श्रृंगार रस का संतुलित मिश्रण देखने को मिला। आयोजन में केवल खिलचीपुर ही नहीं, बल्कि जीरापुर, माचलपुर, छापीहेड़ा, राजगढ़, खुजनेर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं और युवाओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, जिला महामंत्री देवी सिंह सोंधिया, पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा और अंशुल तिवारी उपस्थित रहे। सभी ने आम जनता के बीच बैठकर कवि सम्मेलन का आनंद लिया और कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
जैसे ही हिंदू नववर्ष का आगाज हुआ, कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधे घंटे तक आतिशबाजी की गई। अंशुल तिवारी ने उपस्थित श्रोताओं पर गुलाब के फूल बरसाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। कवियों की प्रस्तुतियों, हास्य, व्यंग्य, भक्ति और श्रृंगार रस के संगम ने इस आयोजन को यादगार बना दिया और नववर्ष के स्वागत को विशेष रूप प्रदान किया।
कर दिया कि खिलचीपुर में साहित्य और संस्कृति के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है।












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