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शिवपुरी जिले में एक बीमार और अशिक्षित महिला के साथ जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ढाई विश्वा जमीन बेचने के समझौते के बावजूद करीब 12 विश्वा जमीन की रजिस्ट्री कर ली गई। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
कोलारस क्षेत्र के ग्राम नेतवास निवासी 30 वर्षीय रेवती जाटव ने सोमवार को बताया कि वह अशिक्षित हैं और हस्ताक्षर के स्थान पर अंगूठा लगाती हैं। लंबे समय से बीमार होने के कारण उन्हें इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी कारण उन्होंने ग्राम चिटोरा स्थित अपनी कृषि भूमि, सर्वे नंबर 438 में से लगभग 0.01428 हेक्टेयर (करीब ढाई विश्वा) जमीन 83 हजार रुपए में बेचने का सौदा किया था।
रेवती जाटव का आरोप है कि रजिस्ट्री के समय कामता प्रसाद जाटव ने उन्हें केवल 50 हजार रुपए दिए और बाकी 33 हजार रुपए अगले दिन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद 14 मार्च को जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई।
महिला के अनुसार रजिस्ट्री के समय कामता प्रसाद के साथ मौजूद एक महिला मिस्सो रावत को गवाह बताया गया था। बाद में जानकारी मिलने पर उन्हें पता चला कि उसी महिला मिस्सो रावत के नाम पर उनकी दूसरी जमीन, सर्वे नंबर 241 में से 0.0975 हेक्टेयर (लगभग 12 विश्वा) भूमि की भी रजिस्ट्री करवा ली गई है।
पीड़िता का कहना है कि उन्हें दूसरी जमीन की रजिस्ट्री के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उनकी बीमारी और अशिक्षा का फायदा उठाते हुए कागजों पर उनसे अंगूठे के निशान लगवा लिए गए।
उन्होंने बताया कि अगले दिन जब वह अपने पति के साथ बकाया 33 हजार रुपए लेने के लिए कोर्ट पहुंचीं, तो आरोपी कामता प्रसाद वहां नहीं आया। इसके बाद जब रजिस्ट्री की प्रति निकलवाई गई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
महिला ने आरोप लगाया है कि कामता प्रसाद जाटव, मिस्सो रावत, बबलेश रावत और धर्मेंद्र जाटव ने मिलकर साजिश के तहत धोखाधड़ी की है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि सर्वे नंबर 438 की जमीन का बकाया 33 हजार रुपए दिलाया जाए और सर्वे नंबर 241 की रजिस्ट्री निरस्त कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है।












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