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नर्मदापुरम में सोहागपुर के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के मढ़ई क्षेत्र में स्थित चर्चित और महंगे फोरसिथ लॉज रिजॉर्ट में अवैध रूप से वन्यजीव अवशेष प्रदर्शित करने के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई की है। इस मामले में रिजॉर्ट के मैनेजर और एक नेचुरलिस्ट को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को रविवार को सोहागपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया गया और उन्हें 25 मार्च 2026 तक न्यायिक हिरासत में पिपरिया उप जेल भेज दिया गया।
आरोपियों की पहचान मैनेजर निपुण महतो और नेचुरलिस्ट फैज अंसारी के रूप में हुई है। इनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 7 मार्च 2026 को एसडीएम प्रियंका भलावी के निरीक्षण के दौरान रिजॉर्ट में चीतल के सींग, सेही के कांटे और सांप की केंचुली जैसी वन्यजीव अवशेष प्रदर्शित पाए गए। सूचना मिलने के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे।
बागड़ा बफर जोन के रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि जांच के दौरान रिजॉर्ट के डिस्प्ले से 4 चीतल के सींग, 4 सेही के कांटे और 2 सांप की केंचुली बरामद की गई। इसके बाद 9 मार्च को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोपियों को रविवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट तेजदीप सासन की अदालत में पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें 25 मार्च 2026 तक न्यायिक हिरासत में पिपरिया उप जेल भेज दिया। आरोपियों के अधिवक्ता प्रतीक तिवारी ने अदालत में तर्क दिया कि वन्यजीव अवशेष 7 मार्च को ही जब्त किए गए थे, लेकिन आरोपियों को तुरंत हिरासत में नहीं लिया गया, जिससे प्रकरण में गड़बड़ी की आशंका जताई गई।
बरामद किए गए सामान में 4 चीतल के सींग, 4 सेही के कांटे और 2 सांप की केंचुली शामिल हैं।
मढ़ई के पास लगभग 40 एकड़ में फैले इस रिजॉर्ट की ग्रामीण शैली के कॉटेज और उच्च-स्तरीय सुविधाओं के लिए देश-विदेश में प्रसिद्धि है। यहां एक दिन का किराया 35 हजार रुपए से अधिक है। सूत्रों के अनुसार, रिजॉर्ट की मालिक अदिति मोदी हैं और बुकिंग का पूरा काम मुंबई से होता है। रिजॉर्ट में अक्सर बड़ी राजनीतिक हस्तियां और विदेशी पर्यटक ठहरते हैं।












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