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उज्जैन पुलिस लाइन में हाल ही में एक व्यापक दंगा नियंत्रण अभ्यास आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पुलिस कर्मियों को भीड़ प्रबंधन और संभावित असामाजिक घटनाओं से निपटने के लिए तैयार करना था। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में जवानों और अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
अभ्यास में वज्र वाहन और टियर गैस के उपयोग का प्रदर्शन किया गया, ताकि भीड़ नियंत्रण की प्रभावी रणनीतियों को समझाया जा सके। ड्रिल के दौरान डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा ने अधिकारियों और जवानों को मार्गदर्शन दिया, जिसमें संभावित दंगों की स्थिति में बल के समन्वित उपयोग पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्वयं वज्र वाहन पर चढ़कर फायरिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया। जवानों को सही फायर पोजीशन और निशाने लगाने की तकनीक पर प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस टीम ने टियर गैस और अन्य सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग का भी अभ्यास किया, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
अभ्यास के दौरान भीड़ नियंत्रण की प्रक्रिया का प्रायोगिक प्रदर्शन किया गया। जवानों को सिखाया गया कि भीड़ पर कार्रवाई से पहले माइक के माध्यम से चेतावनी और निर्देश कैसे दिए जाते हैं। इसके अलावा, पत्थरबाजी और नारेबाजी जैसी परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
अभ्यास के दौरान वाहन निरीक्षण परेड का आयोजन भी किया गया। इसमें दंगा नियंत्रण में प्रयुक्त सभी वाहनों और उपकरणों का निरीक्षण किया गया और अधिकारियों ने आवश्यक निर्देश दिए, ताकि पूरी टीम संचालन के लिए पूरी तरह तैयार रहे।












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