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मध्य प्रदेश के दमोह जिले के सिविल वार्ड 2 स्थित प्राचीन गिरजाघर भवन में गुरुवार दोपहर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का उपमंडल कार्यालय शुरू कर दिया गया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और विधायक जयंत मलैया सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
एएसआई के अधीक्षक शिवाकांत वाजपेई ने बताया कि दमोह में अलग कार्यालय खुलने से जिले की ऐतिहासिक इमारतों की देखरेख पहले से बेहतर तरीके से की जा सकेगी। अब तक दमोह की इमारतों का नियंत्रण सागर जिले से होता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर कार्यालय होने से निगरानी अधिक प्रभावी होगी। जिले में फिलहाल पुरातत्व विभाग की 14 इमारतें हैं, जिन्हें अब नए सिरे से सर्वे किया जाएगा ताकि पुराने स्मारक जो पहले सूची में नहीं थे, उन्हें भी शामिल किया जा सके।
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि दमोह पुरातत्व के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने नोहटा के शिव मंदिर, कोडल के प्राचीन मंदिर, कुंडलपुर और बांदकपुर धाम जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब इनके संरक्षण के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनका कहना था कि यह नया कार्यालय दमोह की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
विधायक जयंत मलैया ने प्राचीन गिरजाघर भवन के चयन पर संतोष जताया और कहा कि कलेक्टर ने इसे एएसआई कार्यालय के लिए चुनकर सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से बुंदेलखंड की छठी से आठवीं शताब्दी तक की धरोहरों को फायदा होगा और इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।












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