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बैतूल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें खेल प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां और सम्मान समारोह शामिल थे, जिनके माध्यम से महिलाओं की उपलब्धियों को सराहा गया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
मेरा युवा भारत, बैतूल ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में ‘अस्मिता लीग’ कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ के साथ म्यूजिकल चेयर जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिसमें 13 वर्ष, 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिलाएं और बालिकाएं भागीं। विजेता प्रतिभागियों को मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुषमा गवली ने की, और करुणा देशमुख, गौरी बालापुरे, पूजा कुरील और ललिता राक्से विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सुषमा गवली ने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी प्रतिभा को आगे लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला खेल अधिकारी पूजा कुरील ने भी खेलों और गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को मंच मिलने की बात कही।
महिला एवं बाल विकास विभाग, बैतूल ने “सशक्त नारी, सशक्त समाज” थीम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल हुईं। महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। इनमें एमपीपीएससी में चयनित दिशा उबनारे, असम राइफल्स में चयनित प्रेरणा साहू, बाल विवाह रोकथाम में योगदान देने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनिता बघेल और बबीता राठौर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पत्रकारिता में सक्रिय गौरी बालापुरे, पर्यवेक्षक भुवनेश्वरी मालवीय और अर्चना तिवारी, तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए यास्मीन बानो को सम्मानित किया गया।












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