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इंदौर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। शहर के एक कांग्रेस नेता ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा है। भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 से अधिक लोगों की मौत के बाद अब पार्टी के भीतर से ही संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी को भेजे पत्र में भोपाल में प्रस्तावित होली मिलन समारोह को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की वजह से हुई मौतों की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे से प्रभावित कई परिवार अभी भी गहरे सदमे में हैं।
उन्होंने लिखा कि ऐसे समय में जब शहर शोक में डूबा हुआ है, तब उत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित करना लोगों की भावनाओं के विपरीत संदेश दे सकता है। राकेश सिंह यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृहनगर इंदौर है और यहां इस समय दुख का माहौल है। ऐसे हालात में जश्न मनाने के बजाय पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना ही कांग्रेस की गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप होगा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास पर प्रस्तावित होली मिलन समारोह को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी घटना के विरोध में इंदौर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया था। कुछ नेताओं ने तो इस बार होली से दूरी बनाए रखने का फैसला भी किया है।
राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि पार्टी की मानवीय और संवेदनशील परंपराओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस होली मिलन कार्यक्रम को स्थगित करने की सलाह दी जाए। उनका कहना है कि इससे पीड़ित परिवारों को यह महसूस होगा कि कांग्रेस उनके दुख में उनके साथ खड़ी है।
दूषित पानी की इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पहले ही विपक्ष के निशाने पर है। वहीं अब कांग्रेस के भीतर से उठी इस मांग को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे संगठन की कार्यशैली और संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर, शहर में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत का मामला अब पूरी तरह सियासी रूप ले चुका है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया का कहना है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस त्रासदी के बीच भी उत्सवों में व्यस्त नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि होली के अवसर पर मंत्री को पीड़ित परिवारों के घर जाकर उनके दुख में शामिल होना चाहिए था, लेकिन ऐसा कहीं दिखाई नहीं दिया।
वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने आयोजकों से चर्चा कर इंदौर में रंगपंचमी से एक दिन पहले आयोजित होने वाला बजर बट्टू कार्यक्रम इस बार निरस्त कर दिया है। यह कार्यक्रम इस वर्ष अपने 29वें वर्ष में आयोजित होने वाला था।











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