Registration Glitches in Minimum Support Price Scheme Leave Harda Farmers Struggling; Demand Extension of March 7 Deadline|समर्थन मूल्य पंजीयन में गड़बड़ी से हरदा के किसान परेशान, 7 मार्च डेडलाइन बढ़ाने की मांग

हरदा जिले में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं, चना और सरसों बेचने के लिए पंजीयन कराने आए किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंजीयन प्रक्रिया में लगातार दिक्कतों के कारण किसान कलेक्टर कार्यालय परिसर में खाद्य विभाग के बाहर जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गिरदावरी अपडेट न होने और पोर्टल में तकनीकी खराबियों के कारण पंजीयन नहीं हो पा रहा है।

जिले में अब तक लगभग 26,000 किसानों ने ही पंजीयन कराया है, जबकि पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित है। इससे हजारों किसान अभी भी पंजीयन से वंचित हैं।

जमीन पर बैठकर इंतजार करने को मजबूर
पंजीयन कराने आए किसानों ने बताया कि उन्हें बैठने के लिए कुर्सी भी उपलब्ध नहीं है और वे जमीन पर बैठकर ही अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। किसानों की मुख्य मांग है कि पंजीयन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 मार्च तक किया जाए, ताकि सभी किसान अपनी फसल का पंजीयन करवा सकें।

इस मामले पर संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा ने बताया कि गिरदावरी अपडेट के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 7 मार्च तय की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी किसान की गलत गिरदावरी पोर्टल पर दर्ज हो गई है, तो उसे 10 मार्च तक तहसीलदार के माध्यम से सुधार कराया जा सकता है। किसानों के जमीन पर बैठने की स्थिति को प्रशासन ने संज्ञान में लेने की बात भी कही।

7 मार्च पंजीयन की अंतिम तारीख और तकनीकी समस्याएं
किसानों ने बताया कि 5 फरवरी से 7 मार्च तक की पंजीयन अवधि में लगभग एक सप्ताह तक खसरों पर फसल गिरदावरी का कार्य नहीं हो पाया। इसके अलावा, किसान फार्मर आईडी में खसरे न जुड़ पाने और पोर्टल में लगातार तकनीकी खराबी के कारण निराश होकर लौट रहे हैं। पिछले तीन-चार दिनों से पोर्टल बंद होने के कारण जिले के आधे से अधिक किसानों का पंजीयन अधूरा रह गया है। इससे उन्हें अपनी फसल मंडी में औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ सकती है और लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।

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