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रायसेन किले की पहाड़ी पर शुक्रवार को तेंदुए के पगमार्क पाए गए हैं। पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों ने यहां बाघ के पगमार्क होने का भी दावा किया है। यह जानकारी मॉर्निंग वॉक पर पहुंचे लोगों और पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों ने दी, जिसके बाद वन विभाग को तुरंत सूचित किया गया।
सुबह मॉर्निंग वॉक पर आए लोगों ने किले की पहाड़ी पर वाहन मार्ग और गुफा मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों के पास पगमार्क देखे। इसी क्षेत्र में पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों को भी बाघ और तेंदुए के पगमार्क मिले। उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही रेंजर प्रवेश पाटीदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पगमार्क वाले स्थान का निरीक्षण कर उनकी जांच की। रेंजर पाटीदार ने बताया कि यह क्षेत्र तेंदुए का विचरण क्षेत्र है, इसलिए किले की पहाड़ी पर अक्सर उनके पगमार्क पाए जाते हैं।
वन विभाग की टीम अब पहाड़ी क्षेत्र में अलर्ट मोड पर है। जिन स्थानों पर पगमार्क मिले हैं, वहां कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, वन विभाग द्वारा मुनादी कराई जा रही है ताकि मॉर्निंग वॉक पर आने वाले लोग सतर्क रहें।
बताया गया है कि किले की पहाड़ी पर तेंदुए की आवाजाही नियमित रूप से होती रहती है। गर्मियों के मौसम में पहाड़ी के पास स्थित तालाब में जानवर पानी पीने आते हैं, जिससे उनकी गतिविधि और मूवमेंट बढ़ जाती है।












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