Sheikh Manzoor Removed as Chichli Municipal Council President; Order Issued to Recover ₹12.18 Lakh Over Irregularities| चीचली नगर परिषद अध्यक्ष शेख मंजूर पद से हटाए गए, अनियमितताओं के मामले में 12.18 लाख रुपये वसूली के आदेश



मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नरसिंहपुर जिले की नगर परिषद चीचली के अध्यक्ष शेख मंजूर को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उनके कार्यकाल के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही शासन ने वित्तीय गड़बड़ियों के संबंध में उनसे 12.18 लाख रुपये की वसूली करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

मंत्रालय भोपाल से 26 फरवरी को जारी आदेश में बताया गया कि नगर परिषद चीचली में दैनिक पारिश्रमिक पर श्रमिकों की नियुक्ति के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर नरसिंहपुर द्वारा प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

जांच के आधार पर यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41-क के तहत की गई है। जांच में यह पाया गया कि सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए बिना साप्ताहिक मस्टर पर श्रमिकों की नियुक्ति की गई थी। इस मामले में नगर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अध्यक्ष शेख मंजूर को भी प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माना गया।

शेख मंजूर 10 अगस्त 2022 से नगर परिषद चीचली के निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल रहे थे। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पीआईसी की 30 जनवरी 2023 को आयोजित बैठक के प्रस्ताव क्रमांक 19 के माध्यम से छह अस्थायी श्रमिकों को दैनिक पारिश्रमिक पर रखने की स्वीकृति दी गई थी। इन श्रमिकों में नूरी खान, राहुल अहिरवार, शक्ति कौरव, हरिओम कटारे, शशिन वर्मा और अबरार खान के नाम शामिल हैं। जांच में यह पाया गया कि यह स्वीकृति नियमानुसार नहीं थी।

इस मामले में शासन ने 24 दिसंबर 2025 को अध्यक्ष शेख मंजूर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। उनके अनुरोध पर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे और 3 फरवरी 2026 को इस मामले में सुनवाई भी की गई। सुनवाई के दौरान शेख मंजूर उपस्थित हुए और उन्होंने अपना पक्ष रखा।

हालांकि उपलब्ध दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने यह निष्कर्ष निकाला कि अध्यक्ष अपने दायित्वों का विधिसम्मत तरीके से निर्वहन करने में असफल रहे और उनके कार्यकाल में गंभीर अनियमितताएं हुईं। शासन ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना लोकहित और परिषद के हित में उचित नहीं है।

इसी आधार पर मध्य प्रदेश शासन ने उन्हें नगर परिषद चीचली के अध्यक्ष पद से हटाने के साथ ही वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 12.18 लाख रुपये की वसूली करने के आदेश जारी किए हैं।




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