
मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए कानून के क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘सरदार पटेल कोचिंग एवं प्रशिक्षण योजना 2021 (संशोधित 2025)’ के तहत मुफ्त CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) कोचिंग की व्यवस्था शुरू की है। इस योजना के माध्यम से छात्रों को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में प्रवेश के लिए तैयारी कराई जाएगी।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केंद्र (SETC) ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इस पूरी योजना के लिए सरकार ने 17.25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है और कोचिंग संस्थानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल तय की गई है, जबकि 10 अप्रैल को टेक्निकल बिड खोली जाएगी। संस्थानों का चयन QCBS (क्वालिटी कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन) पद्धति के आधार पर किया जाएगा, जिसमें गुणवत्ता और ट्रैक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार ने कोचिंग के लिए प्रदेश के चार संभागीय मुख्यालयों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर—को चुना है। प्रत्येक सेंटर पर 100-100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे कुल 400 सीटों पर कोचिंग दी जाएगी। इनमें से 352 सीटें पिछड़ा वर्ग के लिए और 48 सीटें अल्पसंख्यक वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके लिए क्रमशः 15 करोड़ रुपये और 2.25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
कोचिंग संस्थानों के चयन के लिए सरकार ने कुछ कड़े मानदंड तय किए हैं। संस्थान का कम से कम 5 साल का पंजीकरण होना चाहिए और पिछले 3 वर्षों में 5 करोड़ रुपये का टर्नओवर अनिवार्य है। साथ ही, हर साल कम से कम 500 छात्रों को पढ़ाने का अनुभव होना जरूरी है। सेंटर के लिए 5000 वर्ग फीट का स्थान, CCTV निगरानी और आधुनिक लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी आवश्यक हैं।
छात्रों को केवल कक्षा में पढ़ाई ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से भी सहायता प्रदान की जाएगी। चयनित संस्थानों को ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा नियमित रूप से डाउट क्लियरिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक सेंटर पर अंग्रेजी, लीगल रीजनिंग और करंट अफेयर्स के लिए कम से कम दो पूर्णकालिक विशेषज्ञ शिक्षक रखना अनिवार्य होगा।













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