![]()
ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि सहायक लेखापाल पद के लिए बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की डिग्री को वाणिज्य स्नातक (कॉमर्स ग्रेजुएट) के समकक्ष माना जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ता को पद पर नियुक्त करने के साथ ही 50 प्रतिशत पिछला वेतन देने के निर्देश भी दिए हैं।
यह फैसला न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत ने सर्वेश ढिंगरा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। मामला व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित सहायक लेखापाल भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा था, जिसमें याचिकाकर्ता का चयन हो चुका था।
हालांकि, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 30 जनवरी 2018 को आदेश जारी कर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। विभाग का तर्क था कि अभ्यर्थी के पास बी.कॉम की डिग्री नहीं है, जो इस पद के लिए आवश्यक मानी गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सेवा नियमों का परीक्षण किया और पाया कि इनमें केवल “वाणिज्य में स्नातक” होना आवश्यक बताया गया है, न कि विशेष रूप से बी.कॉम डिग्री। इस संबंध में जीवाजी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की राय भी सामने आई, जिन्होंने पुष्टि की कि बीबीए डिग्री को वाणिज्य स्नातक के समकक्ष माना जा सकता है।
अदालत ने वर्ष 2018 के विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए राज्य सरकार को निर्देशित किया कि याचिकाकर्ता को तीन माह के भीतर सहायक लेखापाल के पद पर नियुक्त किया जाए। साथ ही, उन्हें वरिष्ठता का लाभ देते हुए 50 प्रतिशत पिछला वेतन भी प्रदान किया जाए।












Leave a Reply