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भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर टोल प्लाजा तोड़फोड़ के मामले में FIR दर्ज होते ही आंदोलनकारियों में आक्रोश फैल गया और वे सड़कों पर उतर आए। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलनकारी ने सिर मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने टोल वसूली को अवैध बताते हुए सरकार के रवैए की कड़ी आलोचना की। सोमवार को ‘नो रोड, नो टोल’ अभियान के तहत टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया गया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि हाईवे का चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य अधूरा है, फिर भी टोल वसूली जारी है।
प्रदर्शन के दौरान जब टोल प्रबंधन ने कैमरों के माध्यम से टोल कटिंग शुरू की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित भीड़ ने हल्का उपद्रव किया। इस दौरान 1-2 सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद टोल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए बसपा नेता राज्यपाल सिंह राजावत समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
FIR की खबर फैलते ही आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी बढ़ गई, जिसके चलते बुधवार को दोबारा विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी रोमी चौहान ने टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा का टेंडर वर्ष 2025 तक ही था, इसके बावजूद वसूली जारी है, जो नियमों का उल्लंघन है।
रोमी चौहान ने इसे टोल घोटाला करार देते हुए सरकार और टोल प्रबंधन की मिलीभगत का आरोप लगाया। विरोध स्वरूप सिर मुंडन कराते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम जनता की आवाज उठाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार न तो सड़क की स्थिति सुधारने के लिए गंभीर है और न ही पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सहायता प्रदान कर रही है।












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