![]()
अशोकनगर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, जब इलाज के दौरान चार माह की मासूम बच्ची साक्षी की मौत के बाद उसके परिजनों को शव मोटरसाइकिल पर ले जाना पड़ा। बताया गया है कि अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध होने के बावजूद परिवार को यह सुविधा नहीं मिल सकी।
जानकारी के मुताबिक, बच्ची साक्षी जन्म के कुछ समय बाद से ही बीमार चल रही थी। बुधवार सुबह करीब 4 बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसके पिता मुकेश कुशवाहा उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि बच्ची का हीमोग्लोबिन स्तर काफी कम था, जिसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। हालांकि, कुछ ही देर में मासूम ने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। आरोप है कि अस्पताल में दो शव वाहन मौजूद होने के बावजूद परिजनों को उनकी सुविधा नहीं दी गई। ऐसे में बच्ची के दादा उसे गोद में लेकर अस्पताल के गेट तक पैदल पहुंचे।
इसके बाद परिवार को मजबूरी में मोटरसाइकिल का सहारा लेना पड़ा। बाइक पर आगे एक व्यक्ति वाहन चला रहा था, उसके पीछे बच्ची की मां बैठी थी, जबकि सबसे पीछे एक युवक मासूम का शव गोद में लिए हुए था। यह पूरा घटनाक्रम स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति को उजागर करता नजर आया।












Leave a Reply